रेंगने वाले जीवों के नाम- Reptiles Name In Hindi and English

नमस्ते मित्रो आप सभी का हमारे ब्लॉग Hindi-English.net में स्वागत है. आज के “रेंगने वाले जीवों के नाम हिंदी और अंग्रेजी में (Reptiles Name In Hindi and English)” आर्टिकल में हम बच्चो के लिए कुछ मजेदार जानकरी लेके आये है, जिसमे सभी बचो को कुछ नया ज्ञान प्राप्त होगा।

आपको पता ही होगा की हमारे Blog में आपको इस तरह की मजेदार Information हिंदी में मिलेगी जिससे सभी को नया ज्ञान प्राप्त हो. इसी के साथ साथ यहाँ आपको Dictionary के Related कुछ जानकरी English भाषा में प्राप्त होगी, पर हम बहोत ही सरल अंग्रेजी का उपयोग करते है जिससे आप आसानी से समज सकते है.

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रेंगने वाले जीवों के नाम हिंदी और अंग्रेजी में (Reptiles Name In Hindi and English)

इस पृथ्वी पर सरीसृप विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों में महत्वपूर्ण पारिस्थितिक भूमिका निभाते हैं। यह प्रजाति आपको अंटार्कटिका को छोड़कर हर महाद्वीप पर पाए जाते हैं और रेगिस्तान से लेकर वर्षावनों तक, विभिन्न प्रकार के वातावरण के लिए अनुकूलित हो गए हैं।

शायद आपको पता नहीं होगा की कुछ ही प्रजातियाँ जहरीली हैं, अधिकांश सरीसृप मनुष्यों के लिए हानिरहित हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सरीसृप, जीवों के किसी भी समूह की तरह, विभिन्न प्रजातियों में व्यवहार, अनुकूलन और विशेषताओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित करते हैं।

No.Reptiles Name In EnglishReptiles Name In Hindi
1Tortoiseकछुआ
2Alligatorमगरमच्छ
3Snakeसाँप
4lizardछिपकली
5Scorpionबिच्छू
6Snailघोंघा
7Chameleonगिरगिट
8Ant चींटी
9Centipedeगोजर
10Louseजूँ
11Pythonअजगर
12Soil Wormकीड़ा
13Crabकेकड़ा
14Centipedeकनखजूरा
15Leechजोंक

अगर हम विलुप्त सरीसृपों की बात अरे तो समुद्री प्लेसीओसॉर और इचिथियोसॉर से लेकर विशाल पौधे खाने वाले और स्थलीय वातावरण के मांस खाने वाले डायनासोर तक जानवरों का एक और भी विविध समूह शामिल था। लाखों वर्षों से इन दोनों समूहों के प्रतिनिधि सतही तौर पर हमारे सामने मौजूद है।

हालांकि, धीरे धीरे इन प्राणी की जीवन शैली बदल गई है और स्तनधारी जिनके पास अपने बच्चों को खिलाने के लिए स्तन ग्रंथियां मौजूद थी। आज केवल लेदरबैक समुद्री कछुए के पास एक निकट-एंडोथर्मिक शरीर है। अब तक किसी भी सरीसृप, जीवित या विलुप्त, ने अपने बच्चों को खिलाने के लिए विशेष त्वचा ग्रंथियां विकसित नहीं की हैं।

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सरीसृपों के बारेमे रोमांचक तथ्य (Facts About Reptiles In Hindi)

  • ग्रह पर सरीसृपों की 8,000 से अधिक प्रजातियाँ हैं, और अंटार्कटिका (जहाँ बहुत ठंड है) को छोड़कर हर महाद्वीप पर रहते हैं।
  • ठन्डे ब्लड सरीसृपों में जरूरी नहीं कि उनका खून अपने आप में ठंडा हो। लेकिन वे एक्टोथर्मिक हैं, जिसका अर्थ है कि वे अपने शरीर की गर्मी बाहरी स्रोतों से प्राप्त करते हैं। सरीसृप मनुष्य की तरह अपने शरीर के तापमान को आंतरिक रूप से नियंत्रित नहीं कर सकते हैं।
  • हाँ, यह एक बड़ा सरलीकरण है, लेकिन यह कहना उचित है कि मछलियाँ टेट्रापोड में विकसित हुईं, टेट्रापोड उभयचर में विकसित हुए, और उभयचर सरीसृप में विकसित हुए, ये सभी घटनाएँ 400 से 300 मिलियन वर्ष पहले हुई थीं।
  • आप आज जीवित सरीसृपों की किस्मों को एक तरफ से गिन सकते हैं. कछुए, जो अपने धीमे चयापचय और सुरक्षात्मक कवच की विशेषता रखते हैं
  • मगरमच्छ, जो आधुनिक पक्षियों और विलुप्त डायनासोर दोनों के निकटतम जीवित रिश्तेदार हैं.
  • तुतारा नामक अजीब जीव, जो आज न्यूजीलैंड के कुछ सुदूर द्वीपों तक ही सीमित हैं।
  • सरीसृप की त्वचा की खुरदरी होती है, लेकिन वह लम्बी छलांग मार सकते है.
  • सरीसृप हमारे ग्रह पर सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली प्रजातियों में से एक हैं। उदाहरण के लिए, एल्डाबरा जैसे बड़े कछुए 150 से अधिक वर्षों तक जीवित रह सकते हैं। मगरमच्छ लगभग 70 साल तक जीवित रह सकते हैं। बॉल पाइथॉन, एक लोकप्रिय प्रकार का सांप, 40 साल तक जीवित रह सकता है.
  • दुनिया के अधिकांश सांप जहरीले नहीं होते हैं। केवल लगभग 500 साँप प्रजातियाँ ही जहरीली हैं, और उनमें से केवल 30-40 प्रजातियाँ ही मनुष्यों के लिए हानिकारक मानी जाती हैं।
  • ऑस्ट्रेलिया में वास्तव में गैर विषैले साँपों की तुलना में अधिक जहरीले साँप हैं।
  • आपको पता नहीं होगा कि हर साल सांप के काटने से ज्यादा अमेरिकियों की मौत मधुमक्खी के डंक से होती है।
  • कुछ प्रकार के सांप महीनों तक बिना खाए रह सकते हैं। यह एनाकोंडा और रेटिकुलेटेड पायथन जैसे बड़े अवरोधकों के लिए विशेष रूप से सच है।
  • कही साँप उनके शरीर के आकार के सापेक्ष खाते हैं, और उनका चयापचय हम मनुष्यों की तुलना में बहुत धीमा होता है। यह बताता है कि वे भोजन के बीच इतने लंबे समय तक कैसे रह सकते हैं।
  • अधिकांश प्रकार के सरीसृप ठंड को अच्छी तरह सहन नहीं कर पाते हैं। लेकिन ब्लैंडिंग कछुआ कभी-कभी बर्फ के नीचे तैरता हुआ पाया जाता है।
  • सांप और छिपकलियां गंध के कणों को पकड़ने के लिए हवा में अपनी जीभ हिलाते हैं। वे अपनी नाक से गंध नहीं लेते हैं।

FAQ

सांप और छिपकली कैसे गंध की परख करते है?

वह अपनी जीभ को हवा में लहरा कर गंध के कणो को इकठ्ठा करते है, जिससे की अपने आसपास के माहौल का पता लगा सके.

साप के बारेमे अनोखी बात क्या है?

सैप की खोपड़ी अलग अलग हड्डी से बनी होती है, जो लचीली तरीके से एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। यह मानव खोपड़ी से बिल्कुल अलग है, जो एक ठोस टुकड़ा है। इससे सांपों को अपने सिर से बड़ी शिकार की वस्तुओं को खाने के लिए अपने जबड़े और सिर का विस्तार करने की अनुमति मिलती है।

कोनसा सरीसृप जानवर सबसे ज्यादा जीते है?

कछुआ सबसे ज्यादा जीने वाले सरीसृप जानवर है, जिनमे से कही प्रजाति 150 साल से ज्यादा जीते है.

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Summary

आज के “रेंगने वाले जीवों के नाम हिंदी और अंग्रेजी में (Reptiles Name In Hindi and English)” article में हमने हिंदी और इंग्लिश भाषा सभी प्रकार के में जानवरों के नाम के बारेमे उपयोगी जानकरी प्राप्त कियी। आशा है कि आपको यह Post अच्छी लगी होगी और आपको आवश्यक जानकारी जरूर मिली होगी और हमारे YouTube, Facebook and Instagram सोसियल मीडिया अकाउंट को फॉलो करना बिलकुल ना भूले।

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